Rose Day Shayari

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rose dey par ailaan

Happy Rose Day Shayari

rose dey par ailaan kar rahe hai
apana dil ham tumhaare pe kubaan kar rahe hain
रोज डे पर ऐलान कर रहे है
अपना दिल हम तुम्हारे पे कुबान कर रहे हैं

पत्ती: पत्ती गुलाब बन जाती
हर कली मेरा ख्वाब बन जाती
अगर आप डाल देती अपनी महकदा नज़रे इन पर
तो सुबह की ओस भी शराब बन जाती

बीते साल के बाद फिर से रोज डे आया हैं
मेरी आँखों में सिर्फ तेरा ही सुरूर छाया हैं
जरा तुम आकर तो देखो एक बार
तुम्हारे इंतजार में पुरे घर को सजाया हैं

pairo ki dhool hoon

Rose Day Shayari in Hindi

aashikon ke mahaboob ke pairo ki dhool hoon
haan main ek laal gulaab ka phool hoon
आशिकों के महबूब के पैरो की धूल हूँ
हाँ मैं एक लाल गुलाब का फूल हूँ

मेरी दीवानगी की कोई हद नहीं
तेरी सूरत के सिवा मुझे कुछ याद नहीं
मैं गुलाब हूँ तेरे गुलशन का
तेरे सिवाए मुझपर किसी का हक़ नहीं

गुलाब की खूबसूरती भी फिकी सी लगती हैं
जब तेरे चेहरे पर मुस्कान खिल उठती हैं
यूँही मुस्कुराते रहना मेरे प्यार तू
तेरी खुशियों से मेरी साँसे जी उठती हैं

tere bagair kisi aur ko

Rose Day 2022 Shayari

tere bagair kisi aur ko dekha nahin maine
sookh gaya tera gulaab magar feka nahin maine
तेरे बगैर किसी और को देखा नहीं मैंने
सूख गया तेरा गुलाब मगर फ़ेका नहीं मैंने

बड़े ही चुपके से भेजा था
मेरे मेहबूब ने मुझे एक गुलाब
कम्भख्त उसकी खुशबू ने
सारे शहर में हंगामा कर दिया

फूलों जैसी लवों पर हसी हो
जीवन में आपको कोई न बेबसी हो
ले आये हम प्यारा सा गुलाब आपके लिए
बस इस गुलाब जैसी प्यारी आपकी जिन्दगी हो

hamaare naseb mein

Rose Day Par Shayari

kaaten to aane hi the hamaare naseb mein
hamane yaar bhi to gulaab jaisa chuna tha
काटें तो आने ही थे हमारे नसीब में
हमने यार भी तो गुलाब जैसा चुना था

किसने कहा पगली तुझसे कि
हम तेरी खूबसूरती पर मरते हैं
हम तो तेरी गुलाबी आँखों पर मरते हैं
जिस अदा से तू हमें देखती है

इस चमन से जुदा हुआ एक गुलाब हूँ मैं
खुद अपनी ही तबाही का जवाब हूँ मैं
यूँ नजरे न फेर मुझसे ऐ मेरे सनम
तेरी चाहतों में ही बर्बाद हुआ हूँ

us gulaab ko main

Gulab Shayari

us gulaab ko main kya gulaab doon
jasane meri zindagi gulaab jaisi mahaka rakhi ho
उस गुलाब को मैं क्या गुलाब दूं
जसने मेरी जिंदगी गुलाब जैसी महका रखी हो

मेरे आंसुओं में तू ही छुपी रहती हैं
रोज आंखों से तू ही तो बरसती हैं
किसी गुलाब की बेटी है तू शायद
इसलिए मुरझाकर भी महकती हैं

गुलशन का हर एक गुलाब परखा हमने
फिर चुना एक गुलाब है
लाये बड़े प्यार से है जिसके लिए
वो खुद एक खूबसूरत गुलाब है